शनिवार, मई 19, 2012

"झूठा सनम"

      "झूठा सनम"
 
मेरी कसम उठाकर दुनिया के आगे ,
कर दिया मेरे प्यार से इन्कार उसने
एक दिन इसी दुनिया की कसम उठाकर ,
मुझसे प्यार का किया था इकरार जिसने
ऐ जिन्दगी तू ही बता ...............
उसकी किस कसम का एतबार करूँ मैं
समझा न जिसने नफरत के काबिल भी मुझे
क्या उसी से अब प्यार करूँ मैं ?
जान गया इस दुनिया में
बस नाटक है ये प्यार
कसमें ,वादे ,प्यार , मोहब्बत .........
सब झूठ का है व्यापार
गफलत में जीता रहा अबतलक
सच का कड़वा घूँट ये पीऊँ कैसे
जिंदगी बन गया जो ....
चाहे झूठा ही निकला ,
उस सनम के बिना अब जीऊँ कैसे
उस सनम के बिना अब जीऊँ कैसे ..........
        कृष्ण कायत     http://krishan-kayat.blogspot.com/

रविवार, मई 13, 2012

" जाने वाले "

                 " जाने वाले "  

चल देते हैं रुलाकर वो तो
                                       पल भर के लिए ठहरे होते हैं ,
प्रेम बंधन भी बाँध नहीं पाता
                                     टूट जाते हैं साथ निभाने के वादे
एक पल में ही बदल जाते हैं वो
                                    नहीं समझ पाता कोई उनके इरादे
किसी दवा- मरहम से भर नहीं पाते 
                                 दिल पे लगे ज़ख्म इतने गहरे होते हैं |
 
चल देते हैं ...........................................
 
पहले कभी मिले ही न हो जैसे 
                                                वो इस कदर भूल जाते हैं 
चुभने लगे हैं ये सांस भी अब तो 
                                जैसे सांस नहीं दिल में शूल आते हैं 
मत आवाज़ लगा ऐ " कायत " 
                                     उनके दिल तो अब बहरे होते हैं |
चल देते हैं................................................
                                               < कृष्ण कायत >               

प्यार बनाम भगवान

"प्यार बनाम भगवान"
 
मुझसे कहा खुदा ने,
"मत कर इंतजार इस जन्म में
उसका मिलना मुश्किल  है"
मैंने भी कह दिया,
"लेने दे मजा इंतजार का......
अगले जन्म में तो मुमकिन है"
फिर उसने कहा,
"मत कर इतना प्यार
बहुत पछताएगा"
मुस्कुरा कर मैंने कहा,
"देखते हैं तू कितना
मेरी रूह को तड्पाएगा"
फिर उसने कहा, हटा उसे...
"चल तुझे जन्नत की हूर से
मिलवाता हूँ"
मैंने कहा, आ नीचे....
"देख मेरे प्यार का मुस्कुराता चेहरा, 
तुझे जन्नत की हूर 
भुलवाता हूँ "
तिलमिला कर कहा उसने, 
"मत भूल अपनी औकात, 
तू है तो एक इंसान"
मैंने कहा,
"तो मिला दे मुझे मेरे प्यार से, 
और साबित कर कि
तू ही है भगवान........   "
तू ही है भगवान .........|
                                    अज्ञात  
संकलन :-  कृष्ण कायत     
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